महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई “मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना” (MTSKPY) किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह योजना किसानों को सोलर पंप प्रदान करने का लक्ष्य रखती है, जिससे उन्हें बिजली की समस्या से छुटकारा मिले और वे अपने खेतों की सिंचाई सौर ऊर्जा से कर सकें। इस योजना के तहत करीबन 8 लाख 50 हज़ार सोलर पंप महाराष्ट्र के किसानों को दिए जाएंगे।
Magel Tyala Krushi Pump Yojana का उद्देश्य
मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा का उपयोग कर सिंचाई में मदद करना है। इससे बिजली की निर्भरता कम होती है और किसानों को दिन के समय पंप चलाने के लिए पर्याप्त ऊर्जा मिलती है। साथ ही, यह योजना पारंपरिक बिजली और डीजल पंपों के उपयोग को भी कम करती है, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं।
| योजना का उद्देश्य | विवरण |
|---|---|
| सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग | किसानों को बिजली की जरूरत कम करना |
| बिजली बिल कम करना | सौर ऊर्जा का उपयोग मुफ्त और निरंतर |
| डीजल पंप का विकल्प | प्रदूषण कम करना और पर्यावरण संरक्षण |
| दिन के समय सिंचाई | किसानों को लोड शेडिंग की चिंता से मुक्त करना |
Saur Krushi Pump Yojana की विशेषताएँ
- किसानों के लिए सोलर पंप: किसानों को उनकी भूमि और सिंचाई आवश्यकताओं के आधार पर 3 HP से 7.5 HP के सोलर पंप दिए जाएंगे।
- सब्सिडी: सामान्य वर्ग के किसानों को पंप की कीमत का 10% और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को 5% भुगतान करना होगा, शेष राशि सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में दी जाएगी।
- मरम्मत और बीमा: योजना के तहत दिए गए पंपों पर 5 साल की मरम्मत और बीमा की सुविधा उपलब्ध है।
- बिजली की समस्या से मुक्ति: इस योजना के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए बिजली की कमी, बिजली कटौती या लोड शेडिंग की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना के लाभ
- बिजली बिल से मुक्ति: सोलर पंप से सिंचाई करने पर बिजली बिल नहीं आता, जिससे किसानों को वित्तीय लाभ होता है।
- प्रदूषण मुक्त: सौर ऊर्जा के उपयोग से डीजल पंप की जगह ली जाती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण होता है।
- सुलभता: योजना के तहत सब्सिडी से किसानों के लिए पंप अधिक सुलभ होते हैं।
- स्थायित्व: पांच साल की मरम्मत गारंटी और बीमा से किसानों को पंप की देखभाल में आसानी होती है।
| किसान की श्रेणी | योगदान (%) | 3 HP पंप (₹) | 5 HP पंप (₹) | 7.5 HP पंप (₹) |
| सामान्य | 10% | ₹16,560 | ₹24,710 | ₹33,455 |
| SC/ST | 5% | ₹8,280 | ₹12,355 | ₹16,728 |
लाभार्थी चयन के मापदंड
- जल स्रोत: योजना में वे किसान पात्र होंगे जिनके पास सिंचाई के लिए जल स्रोत जैसे कुंआ, बोरवेल, नदी आदि उपलब्ध हैं।
- भूमि का आकार: किसानों के पास 2.5 एकड़ तक की भूमि होनी चाहिए ताकि उन्हें 3 HP का सोलर पंप मिल सके। 2.51 से 5 एकड़ भूमि वाले किसानों को 5 HP पंप मिलेगा और 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को 7.5 HP पंप मिलेगा।
- बिजली कनेक्शन: यह योजना उन किसानों के लिए है जिनके पास सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन नहीं है।
- समुदायिक फार्म: वे किसान भी पात्र हैं जो सामुदायिक फार्म या जल स्रोतों के निकट भूमि रखते हैं।
आवश्यक दस्तावेज़
मागेल त्याला सौर कृषि पंप योजना के लिए आवेदन करते समय, कुछ खास दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है। ये दस्तावेज़ सुनिश्चित करते हैं कि आवेदन सही और मान्य है। आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची निम्नलिखित है:
- कृषि भूमि का 7/12 प्रति: यह दस्तावेज़ यह प्रमाणित करता है कि आवेदक के पास कृषि भूमि है और इसमें जल स्रोत का रिकॉर्ड होना चाहिए।
- आधार कार्ड: यह पहचान के लिए आवश्यक है और आवेदक की पहचान को सत्यापित करता है।
- जाति प्रमाण पत्र: अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थियों के लिए यह दस्तावेज़ जरूरी है।
- अन्य मालिकों का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट: यदि आवेदक कृषि भूमि का एकमात्र मालिक नहीं है, तो अन्य शेयरहोल्डर्स/मालिकों का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट देना अनिवार्य है।
- ग्राउंड वॉटर सर्वे विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट: यदि जल स्रोत ‘डार्क जोन’ में है, तो यह प्रमाण पत्र आवश्यक है।
- संपर्क विवरण: आवेदक का मोबाइल नंबर, ईमेल पता (यदि हो) और जल स्रोत व कमरे का विवरण आवेदन में भरना होगा।
इन दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करने से प्रक्रिया सरल और तेजी से आगे बढ़ती है। इसलिए, सभी आवश्यक दस्तावेज़ एकत्रित करना बहुत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरे?
#1). पोर्टल पर जाएं: महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) की आधिकारिक वेबसाइट ऑफग्रिड एजी सोलर पंप पर जाएं।

#2). आवेदन करें: पोर्टल पर “Apply” बटन पर क्लिक करें और अपनी पात्रता के अनुसार विकल्प चुनें।
#3). फार्म भरें: जरूरी जानकारी भरकर दस्तावेज़ अपलोड करें।
#4). सत्यापन: आवेदन सबमिट करने के बाद आपकी जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
#5). भुगतान करें: आवेदन स्वीकृत होने के बाद, पंप की कीमत का हिस्सा भुगतान करें।
#6). स्थापना: आवेदन स्वीकृति के 90 दिनों के भीतर पंप स्थापित कर दिया जाएगा।
आवेदन करने के बाद आवेदन की जानकारी कैसे प्राप्त करें?
जब लाभार्थी आवेदक ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करता है, तो उसे उसके मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस के माध्यम से लाभार्थी संख्या और अन्य विवरण भेजे जाते हैं। इसके बाद, आवेदन की विभिन्न अवस्थाओं की जानकारी भी उसे एसएमएस द्वारा भेजी जाती है।
आवेदन की स्थिति जानने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं:
- SMS के माध्यम से जानकारी: आवेदन जमा करने के बाद, आवेदक को उसके मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए लाभार्थी संख्या और आवेदन की स्थिति के बारे में जानकारी मिलती है।
- वेब पोर्टल पर जानकारी: आवेदक लाभार्थी संख्या के आधार पर विशेष वेब पोर्टल पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति देख सकता है।

सौर जल पंप सेट स्थापित करने के लिए स्थान चयन के मानदंड
सौर जल पंप सेट स्थापित करने के लिए स्थान का चयन करते समय कुछ महत्वपूर्ण मानदंड होते हैं। सही स्थान का चयन पंप और सौर पैनलों की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। यहाँ कुछ मुख्य मानदंड दिए गए हैं:
- छाया रहित स्थान: सौर पैनलों को ऐसे क्षेत्र में स्थापित किया जाना चाहिए जहाँ कोई छाया न हो। इससे सूर्य की रोशनी सीधे पैनलों पर पड़ सकेगी, जिससे अधिकतम ऊर्जा उत्पादन होगा।
- स्वच्छता: पैनलों के आस-पास कोई धूल या गंदगी नहीं होनी चाहिए। धूल पैनलों की कार्यक्षमता को कम कर सकती है, इसलिए स्वच्छ स्थान का चयन करना आवश्यक है।
- पक्षियों की बौछार: ऐसे स्थान का चयन करें जहाँ पक्षियों द्वारा बौछार करने की संभावना कम हो। इससे पैनलों को साफ रखने में मदद मिलेगी।
- सुनिश्चित ट्रैकिंग मूवमेंट: सौर पैनलों को इस प्रकार से स्थापित करें कि उनकी दिशा अधिकतम सूर्य की किरणों की ओर हो। इसके लिए जगह में पर्याप्त स्थान होना चाहिए।
- समतल सतह: पैनलों को एक समतल सतह पर स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि वे सही तरीके से कार्य कर सकें।
- सुलभता: पैनल्स को साफ करने के लिए आसानी से पहुँचने योग्य होना चाहिए। यह देखना जरूरी है कि पंप और जल स्रोत के निकट हों ताकि पाइपलाइन को आसानी से जोड़ा जा सके।
- पंप की स्थिति: पंप को सौर पैनलों के निकट स्थित करना चाहिए, लेकिन इसे उन क्षेत्रों के भीतर रखा जाना चाहिए जहाँ सिंचाई की आवश्यकता है।
इन मानदंडों का पालन करने से सौर जल पंप सेट की कार्यक्षमता बढ़ सकती है और यह सुनिश्चित कर सकती है कि यह अधिकतम ऊर्जा उत्पादन कर सके।
क्या राज्य में पहले भी सोलर कृषि पंप योजना लागू की गई है?
हां, महाराष्ट्र राज्य सरकार 2015 से सौर ऊर्जा के महत्व को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सोलर कृषि पंप योजनाओं को लागू कर रही है। पहले अटल सोलर कृषि पंप योजना और मुख्यमंत्री सौर कृषि पंप योजना जैसी योजनाएं शुरू की गई थीं। वर्तमान में, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के कंपोनेंट-बी के तहत भी सोलर कृषि पंप लगाए जा रहे हैं।
राज्य में 6 सितंबर 2024 तक कुल 2,63,156 सोलर कृषि पंप लगाए जा चुके हैं। किसानों के लिए सौर ऊर्जा के फायदों और उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने “मागेल त्याला सौर कृषि पंप योजना” की घोषणा की है।
यदि आवेदक किसान ऑनलाइन आवेदन भरने में कठिनाई का सामना करता है, तो क्या करें?
यदि कोई किसान ऑनलाइन आवेदन भरने में कठिनाई का सामना कर रहा है, तो उसे निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
| कदम | विवरण |
|---|---|
| 1. स्थानीय कार्यालय से संपर्क करें | किसान को अपने तालुका स्तर के उप-विभागीय कार्यालय MSEDCL से संपर्क करना चाहिए। यहाँ पर उन्हें आवश्यक सहायता मिल सकती है। |
| 2. टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें | किसान MSEDCL के केंद्रीय ग्राहक सेवा टोल-फ्री नंबर 1800-233-3435 या 1800-212-3435 पर कॉल करके मदद मांग सकता है। |
| 3. सहायता मांगें | किसान को अपनी समस्याओं के बारे में स्पष्ट रूप से बताना चाहिए ताकि उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन मिल सके। |
| 4. ऑनलाइन पोर्टल पर जांचें | अगर किसान ने पहले से आवेदन किया है, तो वह ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी स्थिति की जांच कर सकता है। |
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निष्कर्ष
मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना महाराष्ट्र के किसानों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रही है। यह योजना न केवल किसानों को सस्ती और सुलभ सिंचाई का साधन प्रदान करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। इस योजना से महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति की संभावना है, जिससे किसानों को अधिक उत्पादन और आर्थिक लाभ मिलेगा।

